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Covid - 19 About


😷मिलते-जुलते Parinam  वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तीव्र गति से नहीं फ़ैल रहा है जितना दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है। कोविड 19 नाम का यह वायरस अब तक 70 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके।
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* क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
 
कोवाइड-19 / कोरोना वायरस में पहले बुख़ार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ़्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
इन लक्षणों का हमेशा मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है। कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। बुजुर्ग या जिन लोगों को पहले से अस्थमा, मधुमेह या हार्ट की बीमारी है उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है। ज़ुकाम और फ्लू में के वायरसों में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं। 
 
* कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाए तब?
 
इस समय कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं।
 
जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आप दूसरों से अलग रहें।
 
कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है।
 
इस साल के अंत तक इंसानों पर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा।
 
कुछ अस्पताल एंटीवायरल दवा का भी परीक्षण कर रहे हैं।
 
* क्या हैं इससे बचाव के उपाय?
 
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 
 
इनके मुताबिक हाथों को साबुन से धोना चाहिए। 
 
अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। 
 
खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढंककर रखें। 
 
जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों, उनसे दूरी बनाकर रखें। 
 
अंडे और मांस के सेवन से बचें।
 
जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
 
* मास्क कौन और कैसे पहनें?
 
अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क की जरूरत नहीं है।
 
अगर आप किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना होगा।
 
जिन लोगों को बुखार, कफ या सांस में तकलीफ की शिकायत है, उन्हें मास्क पहनना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
 
* मास्क पहनने का तरीका :-  
 
मास्क पर सामने से हाथ नहीं लगाना चाहिए।
 
अगर हाथ लग जाए तो तुरंत हाथ धोना चाहिए।
 
मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि आपकी नाक, मुंह और दाढ़ी का हिस्सा उससे ढंका रहे।
 
मास्क उतारते वक्त भी मास्क की लास्टिक या फीता पकड़कर निकालना चाहिए, मास्क नहीं छूना चाहिए।
 
हर रोज मास्क बदल दिया जाना चाहिए।
 
* कोरोना का ख़तरा कैसा करें कम, पढ़ें उपाय
 
कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं।
 
अपने हाथ अच्छी तरह धोएं।
 
खांसते या छींकते वक़्त अपना मुंह ढंक लें।
 
हाथ साफ़ नहीं हो तो आंखों, नाक और मुंह को छूने बचें।
 
कोरोना का संक्रमण फैलने से कैसे रोकें?
 
सार्वजनिक वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें।
घर में मेहमान न बुलाएं।
घर का सामान किसी और से मंगाएं।
ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं।
अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं, तो ज़्यादा सतर्कता बरतें।
अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें।
14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके।
अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। अत: घर पर रहें।
 
उपसंहार : लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था। 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे। इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था। कोरोना वायरस के बारे में अभी तक इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस पार्सल, चिट्टियों या खाने के ज़रिए फैलता है। कोरोना वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज़्यादा समय तक ज़िंदा नहीं रह सकते।

कोरोना वायरस को लेकर लोगों में एक अलग ही बेचैनी देखने को मिली है। मेडिकल स्टोर्स में मास्क और सैनेटाइजर की कमी हो गई है, क्योंकि लोग तेजी से इन्हें खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं। 
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से प्राप्त सूचना के आधार पर हम आपको कोरोना वायरस से बचाव के तरीके बता रhomeहे हैं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग हो या फिर लैब में लोगों की जांच, सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई तरह की तैयारी की है। इसके अलावा किसी भी तरह की अफवाह से बचने, खुद की सुरक्षा के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं जिससे कि कोरोना वायरस से निपटा जा सकता है।

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Jay shree dharnidhar bhagwaan

............ જય શ્રી ધરણીધર ભગવાન.  ઢીમા નગરી(વારાહ ક્ષેત્ર) નો ઈતિહાસ!  ભગવાન કૃષ્ણ નું માત્ર એક એવું વિશ્વ નું અનોખું મંદિર જે મૂર્તિ માં દાદા ને મૂછાળો કાનુડો(કનૈયા) તરીકે પૂજવા માં આવે છે જે વાવ-થરાદ જિલ્લા ના ઢીમા માં (ધરણીધર તાલુકા) માં આવેલ છે જેના દર્શન વિના ચાર ધામ ની યાત્રા પણ અધૂરી છે જેની મુર્તિ રૂદા ભાઈ કરડ( આજણાં) ને દાદે સપના માં આવીને કહ્યું હતું અને ચૈત્ર સુદ પૂનમ ને સન. ૧૪૦૦ ની સાલ પહેલા કૃષ્ણ ભગવાન ની વારાહ અવતાર ની પૂજા થતા આને વારાહ ક્ષેત્ર પણ કહેવાય છે આનુ ગૌરવ માત્ર કોઈ એક સમાજ કે વરણ નહી પરંતુ ૧૮ વરણ ગર્વ કરે છે આ પરમાત્મા સ્વરૂપ સ્વયં શ્રી હરી ના દર્શન માટે ઢીમા જવુ જોઈએ ! ભગવાન ધરણીધર આપને સૌને સારા વિચારો અને સારુ આયુષ્ય આપે જય શ્રી ધરણીધર ભગવાન ઢીમા........        Shailesh Chaudhary

પંચમહાભૂત શું છે?

..............              • પંચમહાભૂત શું છે?  શરીરમાં આવેલા અગ્નિ,વાયુ, જળ, આકાશ અને પૃથ્વી તત્વનો સમાવેશ થાય છે.આપણને ભૂખ લાગે તે જઠરાગ્નિ એ અગ્નિ તત્વ છે.ગેસ ઓડકાર વાયુતત્વ છે.આપણું રુધિરાભિસરણ તંત્ર પણ વાયુને આભારી છે.આપણા શરીરમા વહેતુ રુધિર, મોઢામાની લાળ એ બધું જળ તત્વ છે, જ્યારે ચરબી માંસ વગેરે પૃથ્વી તત્વ છે. આ તત્વોનું યોગ્ય પ્રમાણ જળવાઈ રહે તો રોગ પ્રતિકાર શક્તિ જળવાવાથી આપણને રોગ થવાની સંભાવના ઓછી રહે.આપણા આહાર વિહારનું યોગ્ય રીતે આયોજન કરીને આ તત્વોને સમ (સમતોલ, balance) રાખીએ તો આપણે નિરોગી રહી શકીએ.સુખ શાંતિ આનંદ, પૈસો વૈભવ વગેરેનો ભોગવટો તંદુરસ્ત શરીર થકી જ થઈ શકે.શરીરમાં રોગ, પીડા હોય તો ગમે તેટલા પૈસા કે સુખ ભોગવી શકાતું નથી.આપણું ચિત્ત આપણી દેહપીડા સાથે જ રોકાયેલું રહે છે. માટે શરીરને વધુ પડતા લાડ લડાવ્યા સિવાય તેની પૂરતી કાળજી લેવાથી આ બધું સુખ ભોગવાઈ શકે.  Chaudhary Shailesh J..... 

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